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दृढ़ इच्छाशक्ति और उचित मार्गदर्शन से मिलती है सफलता
इंदौर. दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन एवं उचित मार्गदर्शन सफलता को निर्धारित करता है. किसी व्यक्ति के पास यह साधन उपलब्ध है, और उसका सही उपयोग किया है तो इस ब्रहमांड में कोई भी लक्ष्य हासिल करना संभव है. मनुष्य में आवश्यकता अनुसार यह क्षमता है कि वो अपने अपेक्षित निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपने दिमाग को उसी अनुकूल तैयार कर अपेक्षित लक्ष्य को हासिल कर सकता है.
उक्त बातें चाणक्य आईएएस एकेडमी के संस्थापक चेयरमेन एके मिश्रा ने रवीन्द्र नाट्य गृह में आर्ट ऑफ सक्सेस के सेमिनार में जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा. सेमिनार में उन्होंने कहा की मनुष्य अपनी आंतरिक शक्तियों को उजागर कर बड़ी से बड़ी कामयाबी हासिल कर सकता है उपस्थित जनसमूह को सतत मेहनत करने की मार्गदर्शन देते हुए कहा की आप सभी में कुछ कर गुजरने की अपार शक्ति है, सिर्फ आप अपनी बुद्धि का उचित दिशा में सही इस्तेमाल करें.
अभिभावकों का भी योगदान
सक्सेस गुरु ने कहा कि मै देश-विदेश कई जगह सेमिनार को संबोधित करता हूँ परन्तु जो ख़ुशी मुझे आज इंदौर में आकर मिली वो और कही नहीं मिलती ढ्ढ मेरी यह इच्छा रही है कि पूरे देश में ज्यादा से ज्यादा विधार्थियों को मैं सिविल सेवा में चयन के लिए प्रेरित कर सकूँ जिससे ये बच्चे अपने स्वर्णिम गौरव को पुन: हासिल कर सके. सेमिनार में उपस्थित सिविल सेवा परीक्षा 2017 में सफल हुए अभिलाष बर्नबाल (रैंक 44), और 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी धवल जयसवाल को श्री मिश्रा ने अभिभावकों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया एवं कहा की विधार्थियों के चयन में उनके अभिभावकों का सबसे बड़ा योगदान है.


